उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना (Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana) गरीब, आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है। जिसकी शुरुआत 2017 में हुई थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 से सहायता राशि बढ़ाकर प्रति जोड़े 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिसमें 60,000 रुपये दुल्हन के बैंक खाते में DBT से, 25,000 रुपये की उपहार सामग्री और 15,000 रुपये समारोह आयोजन पर खर्च होते हैं। परिवार की वार्षिक आय सीमा 3 लाख रुपये तक बढ़ाई गई है, सभी वर्ग/धर्म पात्र हैं (कन्या न्यूनतम 18 वर्ष, वर 21 वर्ष)। बायोमैट्रिक सत्यापन अनिवार्य है, ऑनलाइन आवेदन cmsvy.upsdc.gov.in पर। यह योजना सामाजिक सद्भाव और फिजूलखर्ची रोकने का बेहतरीन माध्यम है, जिसमें 2025-26 में 550 करोड़ से अधिक बजट आवंटित है।
Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana
यूपी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना 2026
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2025-2026 में नवीनतम बड़े अपडेट (जनवरी 2026 तक)
यूपी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो अभी भी लागू हैं:
- सहायता राशि में भारी वृद्धि — पहले प्रति जोड़े पर 51,000 रुपये खर्च होते थे, अब इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये (₹1,00,000) कर दिया गया है।
- इसमें से 60,000 रुपये सीधे वधू (दुल्हन) के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजे जाते हैं।
- 25,000 रुपये की मूल्यवान उपहार सामग्री (गिफ्ट्स) दी जाती है।
- 15,000 रुपये सामूहिक विवाह आयोजन, मंडप, भोजन आदि पर खर्च होते हैं।
- पात्रता की आय सीमा बढ़ाई गई — पहले सालाना आय की सीमा कम थी, अब 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवार भी पात्र हो गए हैं (खासकर सामान्य वर्ग के लिए भी राहत)।
- नए सख्त नियम फर्जीवाड़ा रोकने के लिए — विवाह से पहले वर-वधू दोनों का बायोमैट्रिक सत्यापन (आधार के जरिए) अनिवार्य कर दिया गया है।
- उपहार सामग्री की क्वालिटी में सुधार — अब जिला स्तर पर नहीं, बल्कि समाज कल्याण निदेशालय स्तर पर फर्मों का चयन होता है।
- बजट आवंटन — इस योजना के लिए 2025-26 में 550 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। अब तक लाखों जोड़ों को लाभ मिल चुका है और 2026 में भी विभिन्न जिलों में सामूहिक विवाह कार्यक्रम लगातार आयोजित हो रहे हैं।
योजना की मुख्य विशेषताएं (बुलेट पॉइंट्स में)
लाभार्थी — गरीब परिवारों की विवाह योग्य कन्याएं, विधवा/तलाकशुदा महिलाओं का पुनर्विवाह। सभी वर्ग/जाति/धर्म के लिए खुली — SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, सामान्य वर्ग (BPL या निर्धारित आय सीमा के अंतर्गत) सभी पात्र। आयु सीमा — कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष, वर की 21 वर्ष। आवेदन प्रक्रिया — मुख्य रूप से ऑनलाइन।
- आधिकारिक पोर्टल: https://cmsvy.upsdc.gov.in/ या https://shadianudan.upsdc.gov.in/
- आवेदन में व्यक्तिगत विवरण, विवाह विवरण, आय प्रमाण, बैंक डिटेल्स और दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।
आवश्यक दस्तावेज — आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू), निवास प्रमाण, बैंक पासबुक, विवाह का प्रस्तावित विवरण आदि। लाभ — आर्थिक मदद के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, सभी धर्मों के रीति-रिवाजों का सम्मान, भव्य सामूहिक आयोजन।
योजना के फायदे
- गरीब परिवारों को कर्ज के बोझ से मुक्ति मिलती है।
- बेटियों की शादी में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ती है।
- सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी के रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह)।
- फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बायोमैट्रिक और DBT जैसी आधुनिक व्यवस्था।
यह योजना योगी सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” नीति का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिससे अब तक लाखों गरीब परिवारों को लाभ मिल चुका है। यदि आप या आपके आसपास कोई पात्र है, तो जल्द से जल्द आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें और स्थानीय समाज कल्याण विभाग से संपर्क
यूपी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना फॉर्म पीडीएफ
| उत्तर प्रदेश में सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदन पत्र डाउनलोड करने का सीधा लिंक यहां दिया गया है | डाउनलोड के लिए यहां क्लिक करें। |
सीएम सामूहिक विवाह योजना दस्तावेज़
- अभिभावक का निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल)
- तहसील द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र की प्रति (आय प्रमाण पत्र)
- कन्या का सीबीएस बैंक खाते का विवरण (बैंक खाता विवरण)
- वर और वधू की पासपोर्ट साइज फोटो (पासपोर्ट साइज फोटो)
- जाति प्रमाण पत्र – एससी/एसटी/ओबीसी (जाति प्रमाण पत्र)
- पहचान पत्र – आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र (वोटर कार्ड, आधार कार्ड)
- आयु का प्रमाण पत्र – जन्म प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र)
| विषय | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना (Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana) |
| शुरूआत | अक्टूबर 2017 |
| मुख्य उद्देश्य | गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक मदद, फिजूलखर्ची रोकना, सामाजिक सद्भाव बढ़ाना |
| प्रति जोड़े कुल सहायता राशि | 1,00,000 रुपये (2025-26 से लागू, पहले 51,000 रुपये थे) |
| 1 लाख रुपये का वितरण | • 60,000 रुपये → दुल्हन (कन्या) के बैंक खाते में DBT से • 25,000 रुपये → मूल्यवान उपहार सामग्री (गिफ्ट्स) • 15,000 रुपये → विवाह समारोह आयोजन (मंडप, भोजन, व्यवस्था आदि) |
| पात्रता – परिवार की आय सीमा | वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक (2025 से बढ़ाई गई, पहले 2 लाख तक थी) |
| पात्र लाभार्थी | • आर्थिक रूप से कमजोर/गरीब परिवार की विवाह योग्य कन्याएं • विधवा/तलाकशुदा/परित्यक्ता महिलाओं का पुनर्विवाह |
| आयु सीमा | कन्या (दुल्हन): न्यूनतम 18 वर्ष वर (दूल्हा): न्यूनतम 21 वर्ष |
| कौन आवेदन कर सकता है | सभी वर्ग/जाति/धर्म (SC, ST, OBC, सामान्य, अल्पसंख्यक) – सभी धर्मों के रीति-रिवाज मान्य |
| आवेदन प्रक्रिया | मुख्य रूप से ऑनलाइन आधिकारिक पोर्टल: cmsvy.upsdc.gov.in या shadianudan.upsdc.gov.in |
| आवश्यक मुख्य दस्तावेज | • आधार कार्ड (वर-वधू दोनों) • आय प्रमाण पत्र • निवास प्रमाण • बैंक पासबुक • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू) • फोटो और विवाह का प्रस्तावित विवरण |
| विशेष नियम (2025-26 अपडेट) | • बायोमैट्रिक सत्यापन अनिवार्य (फर्जीवाड़ा रोकने के लिए) • उपहार सामग्री राज्य स्तर से चयनित फर्मों द्वारा • कम से कम 10 जोड़े एक साथ विवाह में शामिल होने चाहिए |
| बजट प्रावधान (2025-26) | 550 करोड़ रुपये से अधिक |
| लाभ कैसे मिलता है | सरकारी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर + सीधे DBT से पैसा + उपहार + आयोजन |
| आधिकारिक वेबसाइट | samajkalyan.up.gov.in या cmsvy.upsdc.gov.in (नवीनतम जानकारी और आवेदन के लिए चेक करें) |